Mukhyamantri Vishwakarma Pension Yojana Rajasthan: राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना राज्य के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों, पथ विक्रेताओं और लोक कलाकारों के लिए शुरू की गई अंशदायी पेंशन योजना है। इस योजना में पात्र व्यक्ति को 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद न्यूनतम ₹3,000 प्रति माह पेंशन देने का प्रावधान है। यह पेंशन मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त दी जाएगी।
योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसमें लाभ लेने के लिए व्यक्ति को पहले निर्धारित आयु सीमा में योजना से जुड़ना होता है और इसके बाद 60 वर्ष की उम्र तक अंशदान करना होता है। इसलिए केवल 60 वर्ष की उम्र पूरी होने पर सीधे आवेदन करके ₹3,000 पेंशन मिलने वाली योजना नहीं है।
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना राजस्थान क्या है
राजस्थान सरकार ने वर्ष 2024 की बजट घोषणा के अनुरूप मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना 2024 शुरू की थी। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के ऐसे श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों को वृद्धावस्था में आर्थिक सहारा देना है, जिनके लिए नियमित पेंशन की व्यवस्था नहीं होती।

यह योजना स्वैच्छिक एवं अंशदायी है। यानी पात्र व्यक्ति अपनी इच्छा से इसमें शामिल होता है और योजना के नियमों के अनुसार अंशदान करता है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद पात्र अभिदाता को न्यूनतम ₹3,000 मासिक पेंशन मिलती है।
60 साल की उम्र के बाद कितनी पेंशन मिलेगी
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना में पात्र अभिदाता को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद कम से कम ₹3,000 प्रति माह पेंशन मिलने का प्रावधान है।
यह राशि योजना में शामिल व्यक्ति को निर्धारित नियमों के अनुसार दी जाती है। खास बात यह है कि इस योजना के तहत मिलने वाली पेंशन मुख्यमंत्री वृद्धजन सम्मान पेंशन के अतिरिक्त होगी।
कौन लोग मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना में शामिल हो सकते हैं
योजना का लाभ राजस्थान के प्रत्येक व्यक्ति के लिए नहीं है। इसमें मुख्य रूप से तीन श्रेणियों के लोग शामिल किए गए हैं—
- असंगठित क्षेत्र के श्रमिक
- पथ विक्रेता यानी Street Vendor
- लोक कलाकार
इसके अलावा आवेदक का राजस्थान का मूल निवासी होना जरूरी है। योजना की आधिकारिक जानकारी के अनुसार आवेदक की मासिक आय ₹15,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए। उसके नाम से बैंक में बचत खाता, आधार संख्या और ई-श्रम पोर्टल से प्राप्त UAN नंबर भी होना चाहिए।
योजना में शामिल होने के लिए उम्र कितनी होनी चाहिए
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना में शामिल होने के समय व्यक्ति की उम्र 18 वर्ष से कम और 45 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
इसका मतलब है कि 45 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति पहली बार इस योजना में शामिल नहीं हो सकता। जो व्यक्ति पात्र उम्र में योजना से जुड़ता है, उसे 60 वर्ष की उम्र तक निर्धारित अंशदान करना होता है। इसके बाद पेंशन शुरू होती है।
हर महीने कितना पैसा जमा करना होगा
यह योजना अंशदायी पेंशन योजना है, इसलिए लाभार्थी को अपनी आयु के अनुसार निर्धारित अंशदान करना होता है। योजना में शामिल होने के बाद 60 वर्ष की उम्र तक अंशदान जारी रखना होता है।
18 से 40 वर्ष की उम्र में योजना में शामिल होने वाले पात्र लाभार्थियों को योजना के प्रावधानों के अनुसार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से जोड़े जाने तथा उनके अंशदान में राज्य सरकार द्वारा निर्धारित सहयोग का भी प्रावधान है।
इसलिए आवेदन करने से पहले अपने आयु वर्ग के अनुसार निर्धारित मासिक अंशदान की राशि आधिकारिक पोर्टल पर देखना जरूरी है।
किन लोगों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा
कुछ श्रेणियों को मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना से बाहर रखा गया है। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार ऐसा व्यक्ति पात्र नहीं होगा जो केंद्र सरकार की अंशदायी राष्ट्रीय पेंशन योजना, कर्मचारी राज्य बीमा निगम योजना या कर्मचारी भविष्य निधि योजना में शामिल है।
इसके अलावा आयकरदाता व्यक्ति भी इस योजना में शामिल नहीं हो सकता।
इसलिए केवल असंगठित श्रमिक या स्ट्रीट वेंडर होना पर्याप्त नहीं है। उम्र, आय, निवास, बैंक खाता, आधार, ई-श्रम UAN और अन्य निर्धारित शर्तें भी पूरी करनी होती हैं।
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना के लिए जरूरी दस्तावेज
ऑनलाइन पंजीकरण के समय आवेदक के पास योजना में मांगी जाने वाली जरूरी जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए। इनमें मुख्य रूप से आधार संख्या, बैंक खाते की जानकारी, जन आधार से संबंधित जानकारी और ई-श्रम UAN शामिल हैं।
आधिकारिक पोर्टल पात्रता के अनुसार राजस्थान का मूल निवासी होना भी आवश्यक बताता है। इसलिए आवेदन करते समय सभी जानकारी सही और दस्तावेजों के अनुसार ही दर्ज करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना में आवेदन कैसे करें
इस योजना के लिए ऑनलाइन पंजीकरण मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। पोर्टल पर लाभार्थी रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है।
आवेदन के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी, आधार, बैंक खाते और पात्रता से संबंधित विवरण दर्ज करने होंगे। आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी देने पर आवेदन की पात्रता प्रभावित हो सकती है।
आधिकारिक पोर्टल:
मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना राजस्थान आधिकारिक वेबसाइट
पेंशन कब से मिलेगी
योजना में आवेदन करने के तुरंत बाद ₹3,000 मासिक पेंशन शुरू नहीं होती। पात्र व्यक्ति को पहले योजना में निर्धारित उम्र के दौरान शामिल होना और नियमों के अनुसार अंशदान करना होता है। इसके बाद 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर न्यूनतम ₹3,000 मासिक पेंशन का प्रावधान है।
यानी अगर कोई व्यक्ति अभी 30 या 35 वर्ष की उम्र में योजना में शामिल होता है, तो उसे 60 वर्ष की उम्र तक योजना के नियमों के अनुसार अंशदान करना होगा।
लाभार्थी की मृत्यु होने पर क्या होगा
योजना में पारिवारिक पेंशन का भी प्रावधान रखा गया है। पेंशन प्राप्त कर रहे अभिदाता की मृत्यु होने पर उसके पति या पत्नी को पात्र अभिदाता की पेंशन का 50 प्रतिशत, यानी ₹1,500 प्रति माह के हिसाब से पारिवारिक पेंशन मिलने का प्रावधान है। यह लाभ पति या पत्नी के लिए लागू है।
बच्चों के लिए इस योजना में अलग से पेंशन का प्रावधान नहीं बताया गया है।
क्या मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना अनिवार्य है
नहीं। यह योजना स्वैच्छिक है। यानी पात्र व्यक्ति अपनी इच्छा से इसमें शामिल हो सकता है। योजना में शामिल होने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार अंशदान करना होता है।
योजना से समय से पहले बाहर निकलने के संबंध में भी नियम निर्धारित हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार तीन वर्ष पूरे होने से पहले योजना छोड़ने की अनुमति नहीं है। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार बाहर निकलने पर भुगतान/लाभ का निपटारा किया जाता है।
वर्तमान में मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना का ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध है, जहां योजना की जानकारी और पंजीकरण से जुड़ी सुविधाएं दी गई हैं। आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों में पंजीकृत आवेदकों की संख्या भी प्रदर्शित की जा रही है।








