PM e-Bus Sewa: जयपुर और भीलवाड़ा को मिली 47 इलेक्ट्रिक बसों की सौगात, सीएम भजनलाल शर्मा ने दिखाई हरी झंडी

PM e-Bus Sewa Rajasthan: राजस्थान में पर्यावरण के अनुकूल और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजधानी जयपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में ‘पीएम ई-बस सेवा’ (PM-eBus Sewa) योजना का हरी झंडी दिखाकर आधिकारिक शुभारंभ कर दिया है।

इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्यमंत्री ने जयपुर के लिए 29 अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई, वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भीलवाड़ा के लिए 18 ई-बसों का वर्चुअली उद्घाटन भी किया। इस बड़ी सौगात के बाद अब जयपुर और भीलवाड़ा की सड़कों पर प्रदूषण मुक्त सफर की शुरुआत हो चुकी है।

राजस्थान के 8 प्रमुख शहरों में दौड़ेंगी 1,150 ई-बसें

इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा Rajasthan Electric Bus Project के तहत राज्य के लिए कुल 1,150 इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी दी जा चुकी है। इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रदेश के 8 प्रमुख शहरों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है:

  • जयपुर (Jaipur)

  • जोधपुर (Jodhpur)

  • उदयपुर (Udaipur)

  • कोटा (Kota)

  • बीकानेर (Bikaner)

  • भीलवाड़ा (Bhilwara)

  • अलवर (Alwar)

  • अजमेर (Ajmer)

दिवाली तक का बड़ा लक्ष्य: योजना के पहले चरण के तहत आवंटित 675 इलेक्ट्रिक बसों को इसी साल दिवाली तक सड़कों पर पूरी तरह से संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद बाकी बची 475 बसें दूसरे चरण में शामिल की जाएंगी, जिससे राज्य का Public Transport System पूरी तरह बदल जाएगा।

हाईटेक सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं नई ई-बसें

यह नई इलेक्ट्रिक बसें आम जनता, विशेष रूप से महिलाओं, छात्रों, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए बेहद आरामदायक, सुरक्षित और किफायती सफर का जरिया बनेंगी। इन बसों में निम्नलिखित Advanced Features & Technology दी गई हैं:

  • फुल्ली एयर-कंडीशंड (Full AC Coaches): राजस्थान की भीषण गर्मी में भी यात्रियों को ठंडे और सुहावने सफर का अनुभव मिलेगा।

  • महिला सुरक्षा के लिए CCTV: महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी बसों के भीतर आधुनिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए गए हैं।

  • इमरजेंसी पैनिक बटन: किसी भी आपातकालीन स्थिति में यात्री पैनिक बटन का इस्तेमाल कर तत्काल मदद पा सकेंगे।

  • दिव्यांगजनों के लिए विशेष रैंप: बसों में व्हीलचेयर लाने और ले जाने के लिए विशेष ऑटोमेटिक रैंप की व्यवस्था की गई है।

  • स्मार्ट ट्रैकिंग: सभी बसें जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग और ऑटोमेटिक दरवाजों से लैस हैं, जिससे पैसेंजर्स को Live Bus Tracking की सुविधा भी मिल सकेगी।

पर्यटकों के लिए भी खुशखबरी: जल्द आएंगी 50 डबल-डेकर बसें

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मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राजस्थान के Tourism Sector को बढ़ावा देने के लिए एक और बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहरों के भीतर आम परिवहन के लिए 555 अतिरिक्त ई-बसें चलाने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही राजस्थान के प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों पर आने वाले देश-विदेश के सैलानियों को आकर्षित करने और उनके सफर को यादगार बनाने के लिए 50 विशेष डबल-डेकर (Double-Decker) ई-बसें भी जल्द ही सड़कों पर उतारी जाएंगी।

गुलाबी रंग में दिखी जयपुर की पहचान: नई इलेक्ट्रिक बसों को गुलाबी रंग से रंगा गया है, जो जयपुर की पहचान को दर्शाता है. बसों का आकर्षक डिजाइन और आधुनिक सुविधाएं इन्हें पारंपरिक डीजल बसों से अलग बनाती हैं. मुख्यमंत्री ने बसों की नॉइस-फ्री और एयर पॉल्यूशन-फ्री यात्रा का अनुभव लेते हुए कहा कि भविष्य में सार्वजनिक परिवहन का आधार ऐसी ही हरित तकनीक बनेगी.

निष्कर्ष

ई-बसों का यह बढ़ता नेटवर्क न केवल डीजल पर होने वाले भारी खर्च और कार्बन उत्सर्जन (Carbon Emission) को घटाएगा, बल्कि शहरों में ट्रैफिक की समस्या को भी सुगम बनाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ यह पहल राज्य सरकार के ‘विकसित राजस्थान 2047’ (Developed Rajasthan 2047) के सपने को पूरा करने में मील का पत्थर साबित होगी।

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